डायलिसिस किडनी के रोगियों के लिए यह रामबाण प्रयोग
किडनी के रोगी चाहे उनका डायलासिस चल रहा हो या अभी शुरू होने वाला हो चाहे उनका क्रिएटिनिन या यूरिया कितना भी बढ़ा हो और डाक्टर ने भी उनको किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बोल दिया हो ऐसे में उन रोगियों के लिए यहाँ तीन रामबाण प्रयोग है जो इस रोग से छुटकारा दिला सकते है
उपचार
1. नीम और पीपल की छाल का काढ़ा :-
3 गिलास पानी में 10 ग्राम नीम की छाल और 10 ग्राम पीपल की छाल लेकर आधा रहने तक उबाल कर काढ़ा बना ले इस काढ़े को 3-4 भाग में बांटकर दिन में सेवन करते रहे इस प्रयोग से मात्र 7 दिन में क्रिएटिनिन का स्तर व्यवस्थित हो सकता है या पर्याप्त लेवल तक आ सकता है
2. गेंहू के ज्वारे और गिलोय का रस :-
गेंहू के ज्वारे का रस 50 ग्राम और गिलोय (अमृता की एक फीट लम्बी व् अंगुली मोटी डंडी) का रस निकलकर दोनों का मिश्रण दिन में एक बार रोजाना सुबह खाली पेट निरंतर लेते रहने से डायलासिस द्वारा रक्त चढ़ाए जाने की अवस्था में बहुत लाभ होता है इस प्रयोग से कई प्रकार कई कैंसर में भी लाभ होता है इस मिश्रण को रोजाना सुबह खाली पेट घूंट-घूंट मार् कर पीना है और उसके 1 घंटे बाद तक कुछ नहीं खाना है
3. गोखरू काँटा काढ़ा :–
250 ग्राम गोखरू काँटा लेकर 4 लीटर पानी में उबालिये जब पानी एक लीटर रह जाये तो पानी छानकर एक बोतल में रख लीजिए और गोखरू का काँटा निकालकर फेंक दीजिये इस काढ़े को सुबह शाम खाली पेट हल्का सा गुनगुना करके 100 ग्राम करके पीजिए काढ़ा पीने के एक घंटे बाद तक कुछ न खाये ये प्रयोग एक हप्ते से तीन महीने तक किया जा सकता है अपनी पहले की दवाई का रूटीन पूर्ववत ही रखिये 15 दिन के अंदर यदि आपके अंदर परिवर्तन हो जाये तो डॉक्टर की सलाह लेकर दवाई बंद कर दे जैसे जैसे आपके अंदर सुधार होगा काढ़े की मात्रा कम कर सकते है ॥
No comments:
Post a Comment