Thursday, April 6, 2017

कोलेस्ट्रोल को कम करने के 5 घरेलू उपचार

कोलेस्ट्रोल को कम करने के 5 घरेलू उपचार


कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का नाम सुनते ही हृदय गति बढ़ जाती है, पर घबराइए नहीं कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) बुरा ही नहीं अच्छा भी होता है। रक्त में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) बढ़ने का सीधा मतलब है हृदय रोग होना। हृदय रोग होने का मतलब है जीवन को खतरा। हमें जानकारी लेनी होगी कि क्यों बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) और कैसे पाए इससे छुटकारा। यह आमतौर पर वंशानुगत रोग है फिर भी खानपान की गलतियों के कारण किसी को भी हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के बढ़ने के कारण और गुड कोलेस्ट्रॉल (Good Cholesterol) को कैसे बढ़ाएँ और बुरे कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) को कैसे घटाएँ।

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) मुलायम चिपचिपा पदार्थ होता है जो रक्त शिराओं व कोशिकाओं में पाया जाता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की उपस्थिति एक सामान्य बात है। यह शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। 80 प्रतिशत कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का निर्माण हमारे शरीर में लीवर के द्वारा किया जाता है और बाकी 20 प्रतिशत जो भोजन हम लेते हैं, उससे प्राप्त हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का अपना रंग पीला होता है। हल्का पीला सा। यह चर्बी या वसा लिये होता है। कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का होना जरूरी है मगर सामान्य से अधिक हानिकारक है। हमारे भोजन का 30 प्रतिशत तक का भाग कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) ही है। यह जिगर में बैठता है और भोजन से ही बनता है और यह हमारे शरीर को हमारे भोजन से ही प्राप्त होता है।

हमारे शरीर को कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की आवश्यकता ( कोशिकाओं के निर्माण के लिए, हारमोन के निर्माण के लिए, बाइल जूस का निर्माण करता है जो वसा के पाचन में मदद करता है ) होती है लेकिन रक्त में इसका अधिक स्तर हृदय संबंधी रोगों का कारण बन जाता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) दो तरह से मिलता है। शरीर कुछ मात्रा में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का निर्माण स्वयं करता है तथा शेष जीवोत्पादक चीजों जैसे मक्खन, क्रीम, मलाईयुक्त दूध से आता है। फल, सब्जी एवं अनाजों में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) नहीं पाया जाता है।

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की रेंज
* सामान्य : 200 एमजी/ डीएल
* बॉर्डर लाइन : 200-239 एमजी/ डीएल

 High Density Lipoprotien (HDL) – यह अच्छा कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) है। यह आपके रक्त के में मौजूद अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को वापस आपके Liver में ले जाता है जिससे आपका शरीर इससे निजात पा सके।

Low Density Lipoprotein (LDL) – यह बुरा कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) है। यह आपके Liver के अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को रक्तवाहिनियों में पहुचाता है जिससे वह रक्तवाहिनियों में जम जाता है और रक्तवाहिनियाँ संकरी हो जाती है। इस कारण Atherosclerosis होकर दिल का दौरा पड़ सकता है।
Triglycerides – Carbohydrates का अधिक सेवन करने से यह बढ़ जाता है। इसके बढ़ने से दिल का दौरा, सदमा या मधुमेह हो सकता है।
* एचडीएल : हाई डेन्सीटी लाइपो प्रोटींस (HDL : High Densiti Lipo Proteins)
* एलडीएल : लो डेन्सीटी लाइपो प्रोटींस (LDL : Low Densiti Lipo Proteins)
* एचडीएल : मतलब हाई-डेन्सीटी लाइपो प्रोटींस इसे ‘अच्छे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol)’ के रूप में माना जाता है। यह जमे हुए वसा को निकालने में मदद करता है और धमनियों में अवरोध पैदा करने से रोकता है।
* अपेक्षित मात्रा : (40-60 एमजी/डीएल)
* 45 एमजी/डीएल से अधिक पुरुषों के लिए
* 50 एमजी/डीएल से अधिक महिलाओं के लिए।

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol Level Control) पर नियंत्रण और हार्ट की बिमारियों  (heart disease)से मुक्ति यह मूलमंत्र है। कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के मुख्य स्रोत जीव उत्पाद हैं, जिनसे जितना अधिक हो, बचने की कोशिश करनी चाहिए। यह भी ध्यान रखिए की कही लीवर में तो अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का निर्माण तो नहीं हो रहा है। यदि ऐसा होता है तो आपको कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) घटाने वाली दवाओं का सेवन करना पड़ सकता है।

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) एक वसा है जो सीमित मात्रा में ज़िन्दगी और सेहत के लिए ज़रूरी ह। रक्त में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के उच्च स्तर का ह्रदय संबंधी समस्याओं से और ह्रदय के रोगों से जो संबन्ध है उसके कारण आपके रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा महत्वपूर्ण है। डायबटीज और किडनी के रोगों से पीड़ित लोगों के लिए उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) बहुत घातक सिद्ध हो सकता है।

दिल की बीमारी से बचने के लिए जुबां पर भी नियंत्रण होना जरूरी है। इसके लिए तेल का प्रयोग जितना कम हो सके किया जाए और यदि नहीं ही होतो बेहतर है लेकिन मसाले का प्रयोग बंद नहीं करें। मसाले हमें भोजन का स्वाद देते हैं न कि तेल का।

शरीर में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की मात्रा को सामान्य बनाये रखने में हमारा भोजन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए सबसे जरूरी है भोजन में चरबी बढ़ाने वाली चीजों को कम करना जैसे मक्खन, घी आदि का सेवन कम करें। इसके स्थान पर जैतून व सूरजमुखी तेल का प्रयोग करें। मछली और समुद्री भोजन कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को कम करता है। रेशेदार और स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। फलों और सब्जियों का अधिक सेवन करें। आलू, अनाज, दालें आदि अधिक खाएं। एंटी आक्सीडेंट (Anti Akseedent) खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करें जैसे विटामिन सी, विटामिन, जिंक, सेलेनियम (Vitamin C , vitamin K , zinc , selenium) युक्त पदार्थ भोजन। इसके अतिरिक्त व्यायाम भी बहुत जरूरी है क्योंकि यह जहां बुरे कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करता है, वही अच्छे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) एचडीएल की मात्रा को बढ़ाता है। व्यायाम जैसे जोगिंग, पैदल चलना, तैराकी आदि करें और व्यायाम शुरू करने से पूर्व डाक्टर की सलाह अवश्य लें

कच्ची लहसुन रोज सुबह खाली पेट खाने से कोलेस्ट्रोल कम होता है।

रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से खून में कोलेस्ट्रोल कम हो जाता है।
अंकुरित दालें भी खानी आरंभ करें।सोयाबीन का तेल अवश्य प्रयोग करें यह भी उपचार है। लहसुन, प्याज, इसके रस उपयोगी हैं।
नींबू, आंवला जैसे भी ठीक लगे, प्रतिदिन लें।*.शराब या कोई नशा मत करें, बचें।
रात के समय धनिया के दो चम्मच एक गिलास पानी में भिगो दें। प्रात: हिलाकर पानी पी लें। धनिया भी चबाकर निगल जाएं।

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